Login
Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit. Morbi adipiscing gravdio, sit amet suscipit risus ultrices eu. Fusce viverra neque at purus laoreet consequa. Vivamus vulputate posuere nisl quis consequat.
Create an accountLost your password? Please enter your username and email address. You will receive a link to create a new password via email.
पेशाब की नली में सूजन का इलाज
पेशाब के संकà¥à¤°à¤®à¤£ के कई पà¥à¤°à¤•ार हैं जैसे कि यà¥à¤°à¥‡à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸, यूरिनरी इंकॉनà¥à¤Ÿà¥‡à¤¨à¤¨à¥à¤¸, ऊरà¥à¤œà¥‡ इंकॉनà¥à¤Ÿà¥‡à¤¨à¤¨à¥à¤¸, ओवरफà¥à¤²à¥‹ इंकॉनà¥à¤Ÿà¥‡à¤‚टà¥à¤¸, टोटल इंकॉनà¥à¤Ÿà¥‡à¤¨à¤¨à¥à¤¸, फंकà¥à¤¶à¤¨à¤² इंकॉनà¥à¤Ÿà¥‡à¤¨à¤¨à¥à¤¸, मिकà¥à¤¸à¥à¤¡ इंकॉनà¥à¤Ÿà¥‡à¤¨à¤¨à¥à¤¸ ये सà¤à¥€ पेशाब की नली से समà¥à¤¬à¤‚धित संकà¥à¤°à¤®à¤£ हैं। आपको बता दें कि à¤à¤• वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को à¤à¤• ही समय में à¤à¤• से अधिक पà¥à¤°à¤•ार के संकà¥à¤°à¤®à¤£ का अनà¥à¤à¤µ कर सकते हैं।
महिलाओं और पà¥à¤°à¥à¤·à¥‹à¤‚ दोनों में मूतà¥à¤° संकà¥à¤°à¤®à¤£ होने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ होती है। 100% लोगों में से, 80% लोगों को किसी न किसी समय यह समसà¥à¤¯à¤¾ होती है। पेशाब में संकà¥à¤°à¤®à¤£ या अतिरिकà¥à¤¤ रकà¥à¤¤ (वह सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ जहाठमूतà¥à¤° इकटà¥à¤ ा होता है) से सूजन हो जाती है, जिससे रोगी के मूतà¥à¤° में दरà¥à¤¦, दरà¥à¤¦ और जलन होती है। इसके साथ, रोगी में पेशाब की बूंद गिरने जैसे लकà¥à¤·à¤£ दिखाई देते हैं।
सà¤à¥€ के लिठपेशाब करना à¤à¤• पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ है। डॉकà¥à¤Ÿà¤°à¥‹à¤‚ का कहना है कि जब à¤à¥€ पेशाब आठतो उसे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ देर तक रोकना नहीं चाहिà¤à¥¤ कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इससे शरीर को नà¥à¤•सान होने का खतरा रहता है। कà¥à¤› लोगों को पेशाब करते समय जलन या दरà¥à¤¦ की समसà¥à¤¯à¤¾ होती है। इस समसà¥à¤¯à¤¾ के कई कारण हो सकते हैं। इस जलन के पीछे कोई à¤à¤• कारण नहीं है आइठआपको बताते हैं इसके पीछे कà¥à¤¯à¤¾ कारण हैं ?
पेशाब की नली
में सूजन के कारण
सूजन
मूतà¥à¤°à¤¾à¤¶à¤¯ में जलन
मूतà¥à¤° नली में मूतà¥à¤°à¤®à¤¾à¤°à¥à¤— में सूजन
कोरियोन का विरूपण
मधà¥à¤®à¥‡à¤¹
यकà¥à¤·à¥à¤®à¤¾ के कारण मूतà¥à¤°à¤¾à¤¶à¤¯ में गांà¤
गरà¥à¤®à¥€ में पानी न पिà¤à¤‚
यूरिन इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ का मà¥à¤–à¥à¤¯ कारण है
पेशाब की नली में सूजन के लकà¥à¤·à¤£
आंतरायिक पेशाब
बार-बार पेशाब आना
पीला मूतà¥à¤°
पेशाब के दौरान जलन होना
पेशाब की सूजन का इलाज घरेलू उपचार दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾à¥¤
तà¥à¤²à¤¸à¥€: तà¥à¤²à¤¸à¥€ के पतà¥à¤¤à¥‹à¤‚ को मिशà¥à¤°à¥€ के साथ मिलाकर बार-बार पीने से मूतà¥à¤°à¤¾à¤¶à¤¯ की जलन के रोग में लाठहोता है।
जंगली अजमोद: जंगली अजमोद का काढ़ा सिरका और शहद के साथ मिलाकर नाà¤à¤¿ के नीचे सूजन और दरà¥à¤¦ को ठीक करता है।
चंदन: बेताशे पर चंदन के तेल की 5 से 15 बूंदें डालकर दिन में 3 बार खाने से मूतà¥à¤°à¤¾à¤¶à¤¯ की जलन ठीक हो जाती है।
गà¥à¤—à¥à¤—à¥à¤²: लगà¤à¤— आधा से à¤à¤• गà¥à¤°à¤¾à¤® गà¥à¤—à¥à¤—à¥à¤² गà¥à¤¡à¤¼ के साथ लेने से मूतà¥à¤°à¤¾à¤¶à¤¯ की सूजन समापà¥à¤¤ हो जाती है।
लोबान: लगà¤à¤— आधा से à¤à¤• गà¥à¤°à¤¾à¤® लोबान को बादाम और गोंद के साथ सà¥à¤¬à¤¹-शाम लेने से पेशाब में आराम मिलता है।
शिलारस: गिलोय के साथ शिलारस का आधा से à¤à¤• गà¥à¤°à¤¾à¤® सà¥à¤¬à¤¹-शाम सेवन करने से मूतà¥à¤°à¤¾à¤¶à¤¯ की सूजन और पेशाब की जलन ठीक हो जाती है।
गाथिबान (बंटà¥à¤²à¤¸à¥€): गितिबन (बंटà¥à¤²à¤¸à¥€) के पतà¥à¤¤à¥‹à¤‚ को पीसकर मूतà¥à¤°à¤¾à¤¶à¤¯ की सूजन पर लगाà¤à¤‚।
दालचीनी: आधा गà¥à¤°à¤¾à¤® दालचीनी का चूरà¥à¤£ दूध के साथ या आधा गà¥à¤°à¤¾à¤® फिटकरी के साथ रोजाना तीन बार खाने से मूतà¥à¤°à¤¾à¤¶à¤¯ की सूजन ठीक हो जाती है। इस पेसà¥à¤Ÿ को नाà¤à¤¿ के नीचे लगाने से फायदा होता है।
छोटे गोखरू: छोटे गोखरू का काढ़ा दिन में दो बार लेने से मूतà¥à¤°à¤¾à¤¶à¤¯ की सूजन में आराम मिलता है।
अपराजिता: मूतà¥à¤°à¤¾à¤¶à¤¯ की सूजन में अपराजिता का फांट या घोल दिन में दो बार खाने से लाठहोता है।
अतीबाला: 4 से 8 गà¥à¤°à¤¾à¤® अतीबला के बीजों को सà¥à¤¬à¤¹-शाम खाने से नाà¤à¤¿ के सà¤à¥€ रोग और सूजन ठीक हो जाते हैं।
कà¥à¤¶: कà¥à¤¶ की जड़ को 3 से 6 गà¥à¤°à¤¾à¤® की मातà¥à¤°à¤¾ में पीसकर सà¥à¤¬à¤¹-शाम पीने से मूतà¥à¤°à¤¾à¤¶à¤¯ से संबंधित सà¤à¥€ रोग दूर हो जाते हैं।
डाà¤à¥€: 3 से 6 गà¥à¤°à¤¾à¤® दाबजी की जड़ को पीसकर सà¥à¤¬à¤¹-शाम पीने से मूतà¥à¤°à¤¾à¤¶à¤¯ के सà¤à¥€ रोग समापà¥à¤¤ हो जाते हैं।
हरिदूब: हरिदूब की जड़ का 40 गà¥à¤°à¤¾à¤® काढ़ा सà¥à¤¬à¤¹ और शाम लेने से जलन और पेशाब की सूजन समापà¥à¤¤ हो जाती है।
गà¥à¤µà¤¾à¤°à¤ªà¤¾à¤ ा की जड़: 40 गà¥à¤°à¤¾à¤® चूरà¥à¤£ या गà¥à¤µà¤¾à¤°à¤ªà¤¾à¤ ा की जड़ का घोल सà¥à¤¬à¤¹-शाम लेने से मूतà¥à¤°à¤¾à¤¶à¤¯ की सूजन समापà¥à¤¤ हो जाती है।
अपामारà¥à¤—: अपामारà¥à¤— की जड़ 5 गà¥à¤°à¤¾à¤® से 10 गà¥à¤°à¤¾à¤® या 15 गà¥à¤°à¤¾à¤® से लेकर 50 गà¥à¤°à¤¾à¤® तक काढ़ा दिन में दो बार पीने से मूतà¥à¤°à¤¾à¤¶à¤¯ की सूजन और सूजन समापà¥à¤¤ होती है।
तालमखाना: तालमखाना की जड़ का 40 गà¥à¤°à¤¾à¤® काढ़ा या 2 से 4 गà¥à¤°à¤¾à¤® बीज सà¥à¤¬à¤¹-शाम दूध के साथ लेने से मूतà¥à¤°à¤¾à¤¶à¤¯ की सूजन समापà¥à¤¤ हो जाती है।
पाताल गरूड़ी: पाताल गरूड़ की 3 से 6 गà¥à¤°à¤¾à¤® जड़ को सà¥à¤¬à¤¹ और शाम देने से मूतà¥à¤°à¤¾à¤¶à¤¯ की सूजन समापà¥à¤¤ होती है।
खलिहान की छाल: 20 गà¥à¤°à¤¾à¤® से 40 गà¥à¤°à¤¾à¤® काढ़ा, बरन की छाल, अपामारà¥à¤—, पà¥à¤¨à¤°à¥à¤¨à¤µà¤¾, यवकà¥à¤·à¤¾à¤°, गोखरू, मà¥à¤²à¥‡à¤ ी को मिलाकर सà¥à¤¬à¤¹-शाम सेवन करने से मवाद दरà¥à¤¦, मधà¥à¤®à¥‡à¤¹, मूतà¥à¤°à¤•ृचà¥à¤› (पेशाब) का इलाज होता है। जलन या उससे पीड़ित) रोगों में फायदेमंद है।
खीरा: आधा से 10 गà¥à¤°à¤¾à¤® खीरे के बीजों को पीसकर सिरप की तरह रोजाना 2 और 3 बार पीने से मूतà¥à¤°à¤¾à¤¶à¤¯ का दरà¥à¤¦ ठीक हो जाता है।
| --------------------------- | --------------------------- |